तीन मुखी रुद्राक्ष अग्निदेव और त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का प्रतीक है, जो सूर्य ग्रह से नियंत्रित होता है। यह आत्मविश्वास बढ़ाकर डर, अपराधबोध (guilt) और नकारात्मकता को दूर करता है। छात्रों के लिए उत्तम, यह शारीरिक रूप से पेट व पाचन समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। इसे सोमवार या सूर्योदय के समय धारण करना सर्वश्रेष्ठ है
3 मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख लाभ आत्मविश्वास में वृद्धि: यह हीन भावना और मानसिक डर को दूर करता है, जिससे व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। अग्नि देव का आशीर्वाद: सूर्य के प्रभाव से, यह पेट और रक्तचाप (blood pressure) से जुड़ी समस्याओं में आराम दिलाता है और अशुद्धियों को दूर करता है। विद्या और एकाग्रता: यह छात्रों के लिए बहुत फलदायी है, जो एकाग्रता बढ़ाता है और याददाश्त में सुधार करता है। नकारात्मकता से मुक्ति: यह ओसीडी, फोबिया और पिछले जन्मों के पापों/कर्मों के बुरे प्रभावों से छुटकारा दिलाने में सहायक है। सुख-समृद्धि: इसे पहनने से जीवन में शांति, सुख और वैवाहिक कलह का अंत होता है। धारण करने की विधि और नियम दिन: इसे सोमवार या रविवार को पहनना चाहिए। विधि: धारण करने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर, शिवजी के मंत्र "ॐ ह्रीं नमः" का जप करना चाहिए। धागा: इसे लाल या पीले धागे में पहनना शुभ माना जाता है। नियम: धारण करने के बाद सात्विक जीवन जिएं, मांसाहार और नशीली चीजों से बचें।