6 मुखी रुद्राक्ष (Six Mukhi Rudraksha) भगवान कार्तिकेय का प्रतीक है, जो साहस, ज्ञान और शक्ति प्रदान करता है। यह शुक्र और मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है, और आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। इसे सोमवार को ‘ओम ह्रीम हुम नमः’ मंत्र के साथ धारण करना सर्वोत्तम है।
6 मुखी रुद्राक्ष के मुख्य फायदे: मानसिक शांति: यह क्रोध, ईर्ष्या और बेचैनी को नियंत्रित करता है। बुद्धि और एकाग्रता: यह छात्रों, कलाकारों और वक्ताओं के लिए बेहतरीन है, क्योंकि यह रचनात्मकता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है। स्वास्थ्य लाभ: यह गले, थायराइड, यौन रोगों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं में सहायक है। करियर: नेतृत्व क्षमता और कार्यस्थल पर उन्नति के लिए यह रुद्राक्ष उत्तम है। प्रेम और वैवाहिक सुख: यह रिश्तों में प्रेम और आकर्षण बढ़ाता है। धारण करने की विधि: दिन: शुक्ल पक्ष का सोमवार सबसे उत्तम माना जाता है। पूजा: रुद्राक्ष को गंगाजल से शुद्ध करें, चंदन का टीका लगाएं, और बेल पत्र/लाल फूल अर्पित करें। मंत्र: ‘ओम ह्रीम हुम नमः’ (Om Hreem Hum Namah) मंत्र का 108 बार जाप करें। धारण: इसे लाल या सफेद धागे में धारण करें, या सोने/चांदी में पहनें। सावधानियां: हमेशा प्रमाणित (certified) रुद्राक्ष ही धारण करें, क्योंकि कमजोर रुद्राक्ष कम फल देता है। इसे किसी जानकार ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही पहनना चाहिए। शुक्रवार या सोमवार को ही धारण करना चाहिए। मांसाहार करने वालों को इसे धारण करने से बचना चाहिए। सोने से पहले इसे उतार देना चाहिए।